कल थे असफल मगर अब सफल हो गए

कल थे असफल मगर अब सफल हो गए

अपना दल दल बदल दल बदल हो गए,

हो गयी उनपे कुछ ऐसी भगवत्कृपा,

बेहया फ़ूल थे अब कमल हो गए॥

पाप का आवरण ध्वंस हो जाएगा,

जुगनू है सूर्य का अंश हो जाएगा

छाने दो तुम चुनावी घटा इस बरस

ये जो बगुला है यह हंस हो जाएगा॥

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *